Thursday, April 11, 2024

 क्या सफलता का कोई रहस्य है?


सफलता अब रहस्य का विषय कहाँ रही? सफलता की गणित अब बहुत सरल है। अब इसमें अनसुलझे प्रश्न रहे ही नहीं। सफल लोगों ने चोरी छुपे कुछ किया ही नहीं। हमारा ध्यान उधर गया नहीं ये बात अलग है।

सफल लोग...

दूसरों से कम सोये। उन्होंने जीवन में शत्रु नहीं, मित्र बनाये। उन्होंने कार्य की शुरुआत के लिए कोई मुहूर्त नहीं देखा ना ही किसी कल का इंतजार किया। उन्होंने अपने लक्ष्य बनाकर उस क्षेत्र की रिसर्च की। वे प्रतिदिन कुछ अच्छा आकार ले रहे थे।

उन्होंने भाग्य के भरोसे कुछ छोड़ा ही नहीं। उन्होंने नियम बना लिया कि उनसे वक्त छीनने वालों को वे कुछ मिनट्स में ही भाँप लेंगे और चतुराई से उनसे बच निकलेंगे। उन्होंने मनोरंजन से कभी किनारा नहीं किया लेकिन मनोरंजन को अपने ढंग से परिभाषित किया। उन्होंने अपने मन को अपना स्वामी बनाकर उसे स्वयं को धिक्कारने के लिए अधिकृत किया।

उन्होंने जीवन के सबसे जरूरी कौशलों को सीखने के लिए ज्यादा वक्त खराब नहीं किया। वे जहाँ कहीं भी आते जाते उन्हें लगता था वे वहाँ से कुछ सीख सकते हैं। वे जब भी किसी से आहत या निराश होते तो आत्मनियंत्रण की अद्भुत कला से अगले कुछ पलों में ही मुस्कुरा कर अपने काम पर लग जाते थे।

उन्हें मालूम था कि सफलता किसी एक लक्ष्य को पा लेना मात्र नहीं है। सफलता एक के बाद एक और जिम्मेदारी कन्धों पर लेने की एक अनवरत प्रक्रिया है जो जीवन भर रुकती ही नहीं है। उनके कहीं भी उपस्थित होने भर से उस माहौल में एक जबरदस्त सकारात्मकता आती है तो समझ लो उन्होंने इस काबिलियत को मेहनत से कमाया है।

किसी नौकरी को पा लेना या चंद भौतिक वस्तुओं का संग्रह सफलता नहीं है। यह एक केवल एक सुखद घटना है। ये तथाकथित प्रतिस्पर्धा वाले संसार के पूर्वाग्रहों का हमारे ऊपर असर है कि हमने आकाश भर सफलता को मुट्ठीभर तक समेटने के मुहावरे बना दिये।

सफलता कोई एक घटना नहीं है बल्कि जीवन के सैंकड़ों पहलुओं को खुशनुमा बनाने के सैंकड़ों कौशल जो आपने अर्जित किये है और करते जा रहे हैं यही सफलता है। इसमें अब रहस्य क्या रहा?

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