गोवा मुक्ति दिवस
● वर्ष 1510 में पुर्तगालियों ने भारत के कई हिस्सों को उपनिवेश बनाया लेकिन 19वीं शताब्दी के अंत तक भारत में पुर्तगाली उपनिवेश गोवा, दमन, दीव, दादरा-नगर हवेली और अंजेदिवा द्वीप (गोवा का एक हिस्सा) तक ही सीमित रहे।● भारत ने 15 अगस्त, 1947 को स्वतंत्रता प्राप्ति के साथ ही पुर्तगालियों से अपने क्षेत्र को वापस लौटाने का अनुरोध किया परंतु पुर्तगालियों ने ऐसा करने से मना कर दिया।
● राजनयिक प्रयासों की विफलता के बाद भारतीय नौसेना, वायु सेना और थल सेना द्वारा गोवा में ‘ऑपरेशन विजय' चलाकर 19 दिसंबर,1961 को इसे पुर्तगालियों से मुक्त करा लिया गया।
● प्रत्येक वर्ष 19 दिसंबर को भारत में गोवा मुक्ति दिवस मनाया जाता है।
● पुर्तगाली भारत आने वाले पहले यूरोपीय (वर्ष 1498 में) और इस भूमि को छोड़ने वाले अंतिम (वर्ष 1961) थे।
● 30 मई, 1987 में इस क्षेत्र को विभाजित किया गया और गोवा को पूर्ण राज्य तथा दमन एवं दीव को केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा दिया गया।
● भारत के पश्चिमी तट पर स्थित गोवा भारत के सबसे रमणीय राज्यों में से एक है। अपनी उष्णकटिबंधीय जलवायु के कारण गोवा सभी प्रकार के मौसम के लिए बेहतर पर्यटन स्थल है।
● गोवा भारतीय प्रायद्वीप के पश्चिमी तट पर स्थित है। इसके उत्तर में तेरेखोल नदी बहती है, जो गोवा को महाराष्ट्र से अलग करती है।
● महाभारत के समय दक्षिण कोंकण क्षेत्र में गोवा को ‘गोपराष्ट्र’ अर्थात् गाय चराने वालों के देश के रूप में वर्णित है।
● जिस स्थान का नाम पुर्तगाल के यात्रियों ने गोवा रखा, वह आज का छोटा-सा समुद्र तटीय शहर ‘गोअ-वेल्हा’ है। बाद में उस पूरे क्षेत्र को गोवा कहा जाने लगा।
● गोवा की प्रमुख नदियों में जुआरी, मंडोवी, तेरेखोल, चापोरा, गलगीबाग, कुम्बरजुआ नहर, तलपोना और साल शामिल हैं।
No comments:
Post a Comment