Tuesday, August 8, 2023

 रवींद्रनाथ ठाकुर


▪️रवींद्रनाथ ठाकुर का जन्म 6 मई, 1861 को बंगाल में हुआ था।
▪️रवींद्रनाथ ठाकुर की प्रारम्भिक शिक्षा घर पर ही हुई थी। छोटी उम्र में ही स्वाध्याय से अनेक विषयों का ज्ञान अर्जित कर लिया। बैरिस्ट्री पढ़ने के लिए विदेश भेजे गए लेकिन बिना परीक्षा दिए ही लौट आए।
▪️रवींद्रनाथ ठाकुर की रचनाओं में लोक-संस्कृति का स्वर प्रमुख रूप से मुखरित होता है। प्रकृति से इन्हें गहरा लगाव था। इन्होंने लगभग एक हज़ार कविताएँ और दो हज़ार गीत लिखे हैं।
▪️वर्ष 1913 में इनको गीतांजलि के लिए नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ था, नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रथम व्यक्ति थे।
▪️महात्मा गाँधी ने इनको ‘गुरुदेव’ की उपाधि दी थी।
▪️इनकी साहित्य की भाषा - बंगाली एवं अंग्रेजी थी।
▪️यह भारत एवं बांग्लादेश के राष्ट्रगान के रचयिता।
▪️रवींद्रनाथ ठाकुर चित्रकला, संगीत और भावनृत्य के प्रति इनके विशेष अनुराग के कारण रवींद्र संगीत नाम की एक अलग धारा का ही सूत्रपात हो गया।
▪️इन्होंने वर्ष 1901 में शांति निकेतन नाम की एक शैक्षिक और सांस्कृतिक संस्था की स्थापना पश्चिम बंगाल में की।
▪️अपनी काव्य कृति गीतांजलि के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित हुए रवींद्रनाथ ठाकुर की अन्य प्रमुख कृतियाँ हैं- नैवैद्य, पूरबी, बलाका, क्षणिका, चित्र और सांध्यगीत, काबुलीवाला और सैंकड़ों अन्य कहानियाँ; उपन्यास - गोरा, घरे बाइरे और रवींद्र के निबंध।
▪️जलियाँवाला बाग हत्याकांड के विरोध में 1919 में 'नाइटहुड' की उपाधि लौटा दी।
▪️रवींद्रनाथ ठाकुर का निधन 7 अगस्त, 1941 को हुआ था।

No comments:

Post a Comment

                                                        FLASH CARD                                                        SCIENCE CHAPTER 1 ...