सुभाष चंद्र बोस
▪️सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी, 1897 को ओडिशा के कटक शहर में हुआ था; उनकी माता का नाम प्रभावती दत्त बोस और पिता का नाम जानकीनाथ बोस था।
▪️नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिवस पर प्रतिवर्ष 23 जनवरी को पराक्रम दिवस मनाया जाता है।
▪️अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने रेवेनशॉ कॉलेजिएट स्कूल में दाखिला लिया। उसके बाद उन्होंने प्रेसीडेंसी कॉलेज, कोलकाता में प्रवेश लिया परंतु उनकी उग्र राष्ट्रवादी गतिविधियों के कारण उन्हें वहाँ से निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय चले गए।
▪️वर्ष 1919 में बोस भारतीय सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने के लिए लंदन चले गए और वहाँ उनका चयन भी हो गया हालाँकि बोस ने सिविल सेवा से त्यागपत्र दे दिया क्योंकि उनका मानना था कि वे अंग्रेज़ों के साथ कार्य नहीं कर सकते।
▪️सुभाष चंद्र बोस, विवेकानंद की शिक्षाओं से अत्यधिक प्रभावित थे और उन्हें अपना आध्यात्मिक गुरु मानते थे, जबकि चितरंजन दास उनके राजनीतिक गुरु थे।
▪️वर्ष 1925 में क्रांतिकारी आंदोलनों से सम्बद्ध होने के कारण उन्हें माण्डले कारागार में भेज दिया गया जहाँ वह तपेदिक की बीमारी से ग्रसित हो गए ।
▪️वर्ष 1930 के दशक के मध्य में बोस ने यूरोप की यात्रा की। उन्होंने पहले शोध किया तत्पश्चात् ‘द इंडियन स्ट्रगल’ नामक पुस्तक का पहला भाग लिखा।
▪️बोस ने वर्ष 1938 (हरिपुरा) में भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद ‘राष्ट्रीय योजना आयोग’ का गठन किया।
▪️वर्ष 1939 (त्रिपुरी) में बोस फिर से अध्यक्ष चुने गए लेकिन जल्द ही उन्होंने अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया और कॉन्ग्रेस के भीतर एक गुट ‘ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक’ का गठन किया, जिसका उद्देश्य राजनीतिक वाम को मज़बूत करना था।
▪️बोस ने बर्लिन में स्वतंत्र भारत केंद्र की स्थापना की और युद्ध के लिए भारतीय कैदियों से भारतीय सेना का गठन किया।
▪️यूरोप में बोस ने भारत की आज़ादी के लिए हिटलर और मुसोलिनी से मदद माँगी।
▪️आज़ाद हिंद रेडियो का आरंभ नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के नेतृत्व में वर्ष 1942 में जर्मनी में किया गया था।
▪️इस रेडियो पर बोस ने 6 जुलाई, 1944 को महात्मा गाँधी को 'राष्ट्रपिता' के रूप में संबोधित किया।
▪️बोस जुलाई, 1943 में जर्मनी से जापान-नियंत्रित सिंगापुर पहुँचे तथा वहाँ से उन्होंने अपना प्रसिद्ध नारा ‘दिल्ली चलो’ जारी किया और 21 अक्टूबर, 1943 को आज़ाद हिंद सरकार तथा भारतीय राष्ट्रीय सेना के गठन की घोषणा की।
▪️18 अगस्त, 1945 को जापान शासित फॉर्मोसा (वर्तमान ताइवान) में एक विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई।
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