अंतर्राष्ट्रीय नस्लीय भेदभाव उन्मूलन दिवस
▪️ प्रतिवर्ष 21 मार्च को जातिवाद और नस्लीय भेदभाव के विरुद्ध एकजुटता का आह्वान करने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय नस्लीय भेदभाव उन्मूलन दिवस मनाया जाता है।▪️ अक्टूबर, 1966 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 मार्च को ‘अंतर्राष्ट्रीय नस्लीय भेदभाव उन्मूलन दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
▪️ 21 मार्च, 1960 को पुलिस ने दक्षिण अफ्रीका के शार्पविले में लोगों द्वारा नस्लभेदी कानून के खिलाफ किए जा रहे एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान आग लगा दी गई जिसमें 69 लोगों की मृत्यु हो गई।
▪️ रंगभेद एक नीति थी जिसने दक्षिण अफ्रीका के ‘श्वेत’ अल्पसंख्यकों और ‘अश्वेत’ बहुसंख्यकों के बीच संबंधों को नियंत्रित किया।
▪️ इस नीति ने ‘अश्वेत’ बहुसंख्यकों के विरुद्ध नस्लीय अलगाव तथा राजनीतिक और आर्थिक भेदभाव को मंज़ूरी दी।
▪️ अंतर्राष्ट्रीय नस्लीय भेदभाव उन्मूलन दिवस, 2023 की थीम मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (यूडीएचआर) को अपनाने के 75 साल बाद नस्लवाद और नस्लीय भेदभाव से निपटने की तात्कालिकता पर केंद्रित है।
▪️ नस्लवाद का आशय ऐसी धारणा से है, जिसमें यह माना जाता है कि मनुष्यों को ‘नस्ल’ नामक अलग और विशिष्ट जैविक इकाइयों में विभाजित किया जा सकता है; इस धारणा के मुताबिक, विरासत में मिली भौतिक विशेषताओं और व्यक्तित्व, बुद्धि, नैतिकता तथा अन्य सांस्कृतिक एवं व्यावहारिक विशेषताओं के लक्षणों के बीच संबंध होता है और कुछ विशिष्ट ‘नस्लें’ अन्य की तुलना में बेहतर होती हैं।
▪️ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15, 16 एवं 29 ‘नस्ल’, ‘धर्म’ तथा ‘जाति’ के आधार पर भेदभाव पर प्रतिबंध लगाते हैं।
▪️ भारत ने वर्ष 1968 में ‘नस्लीय भेदभाव के सभी रूपों के उन्मूलन पर अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन’ (ICERD) की पुष्टि की थी।
No comments:
Post a Comment