दामोदर मेनन
🔸दामोदर मेनन का जन्म 10 जून, 1906 को केरल के 'करमलूर' नामक स्थान पर हुआ था।🔸दामोदर मेनन ने 'महाराजा कॉलेज', त्रिवेंद्रम और 'रंगून यूनिवर्सिटी', बर्मा (वर्तमान म्यांमार) से शिक्षा प्राप्त की।
🔸म्यांमार में अपनी संक्षिप्त सेवा के बाद, वह स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने के लिए मालाबार लौट आए।
🔸वर्ष 1930 के नमक सत्याग्रह और वर्ष 1932 के सविनय अवज्ञा आंदोलन में उन्होंने भाग लिया और जेल में भी रहे।
🔸उसी वर्ष उन्हें कलकत्ता में कांग्रेस अधिवेशन में भाग लेने के कारण कलकत्ता में फिर से गिरफ्तार किया गया और एक महीने के लिए कैद किया गया।
🔸जब वे कन्नूर जेल में थे तब उन्होंने ‘राष्ट्र विज्ञानीयम’ नाम से एक पुस्तक लिखी।
🔸वे मातृभूमि नामक समाचार पत्र के संपादक थे, जिसके माध्यम से उन्होंने अंग्रेजों द्वारा भारतीयों के दमन की आलोचना की थी।
🔸कालांतर में अंग्रेजों ने 25 मार्च, 1942 को मातृभूमि समाचार पत्र पर प्रतिबंध लगा दिया।
🔸मेनन भारत छोड़ो आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे और उन्हें 9 अगस्त, 1942 को गिरफ्तार किया गया था।
🔸स्वतंत्रता के बाद मेनन संयुक्त केरल कांग्रेस कमेटी के सचिव बने और बाद में वर्ष 1957 में वे केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने।
🔸कांग्रेस से नीतिगत मतभेद हो जाने के कारण वर्ष 1952 से वर्ष 1957 तक वे लोकसभा में 'किसान मज़दूर प्रजा पार्टी' से सांसद रहे।
🔸1 नवंबर, 1980 को दामोदर मेनन का निधन हो गया।
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