व्योमेश चंद्र बनर्जी
⬧ व्योमेश चंद्र बनर्जी का जन्म 29 दिसंबर, 1844 को हुआ था।
⬧ व्योमेश चंद्र बनर्जी ने इंग्लैंड में कानून की पढ़ाई के लिए सरकारी छात्रवृत्ति हासिल की तथा 1 जून, 1867 में उन्हें वहाँ की बार में बुलाया गया।
⬧ इंग्लैंड में उन्होंने लंदन इंडियन सोसायटी की स्थापना की और भारत में प्रतिनिधि तथा जिम्मेदार सरकार की हिमायत की।
⬧ वे 1868 में कलकत्ता लौट आए और कुछ ही वर्षों में उच्च न्यायालय में सबसे ख्याति प्राप्त बैरिस्टर बन गए।
⬧ 1883 में उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय में सुरेंद्रनाथ बनर्जी पर चल रहे अवमानना के मुकदमे में अदालत में उनका बचाव किया।
⬧ व्योमेश चंद्र बनर्जी ने 1885 में कांग्रेस के पहले अधिवेशन की अध्यक्षता की।
⬧ वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सह-संस्थापक और पहले अध्यक्ष थे।
⬧ कलकत्ता में आयोजित 1886 के अधिवेशन में, दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में, उन्होंने अपने काम के बेहतर समन्वय के लिए प्रत्येक प्रांत में कांग्रेस की स्थायी समितियों के गठन का प्रस्ताव रखा। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस को अपनी गतिविधियों को केवल राजनीतिक मामलों तक ही सीमित रखनें तथा सामाजिक सुधारों के मुद्दों को अन्य संगठनों पर छोड़ देने की हिमायत की।
⬧ उन्होंने इलाहाबाद में 1892 के सत्र में फिर से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षता की।
⬧ व्योमेश चंद्र बनर्जी का निधन 21 जुलाई, 1906 को हुआ था।
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