मेजर सोमनाथ शर्मा
● मेजर सोमनाथ शर्मा का जन्म कांगड़ा जिले में 31 जनवरी, 1923 को हुआ था।● उनके पिता अमरनाथ शर्मा एक मेडिकल कोर के ऑफ़िसर थे।
● सोमनाथ को बचपन में ‘सोमी' नाम से पुकारा जाता था।
● वे भारत के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार, परम वीर चक्र के पहले प्राप्तकर्ता बने।
● उन्हें 22 फरवरी, 1942 को 8वीं बटालियन, 19वीं हैदराबाद रेजिमेंट (बाद में 4वीं बटालियन, कुमाऊं रेजिमेंट) में नियुक्त किया गया था।
● वर्ष 1948 में पाकिस्तान के नेतृत्व वाले कबायली विद्रोह के दौरान महत्त्वपूर्ण श्रीनगर हवाई अड्डे की सुरक्षा में उनके प्रयास के कारण उन्हें पहचान मिली।
● उनके दृढ़ संकल्प के कारण ही भारतीय सेना को श्रीनगर में उड़ान भरने और पाकिस्तान के खिलाफ अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुत आवश्यक समय मिल पाया।
● उन्होंने 25 वर्ष की अल्पायु में राष्ट्र के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
● उनके प्रशस्ति पत्र में उनकी वीरता, देशभक्ति और साहस झलकता था। वह परमवीर चक्र (पीवीसी) के पहले प्राप्तकर्ता थे, जिन्हें मरणोपरांत उनकी वीरता और बलिदान के लिए सम्मानित किया गया था।
● हाल ही में भारत सरकार ने इनके नाम पर अंडमान के द्वीप संख्या ’INAN370’ का नाम सोमनाथ द्वीप रखा है।
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